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मुख पृष्ठ » खेल-संसार » क्रिकेट » समाचार » अब उम्मीद गेंदबाजों से
जमैका टेस्ट के पहले दिन वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंडुलकर और गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम केवल 246 रन पर ढेर हो गई। इन तीनों बल्लेबाजों के विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किए गए अभिनय मुकुंद (11), मुरली विजय (8) और विराट कोहली (4) विफल रहे। 246 में से 152 रन तो सुरेश रैना और हरभजन सिंह ने बनाए।

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रैना ने वनडे सिरीज में हुई अपनी गलतियों को सुधारा और एक सशक्त पारी खेली। हरभजन ने टेस्ट क्रिकेट में ने टेलेंडर्स की भूमिका को एक बार फिर परिभाषित किया। राहुल द्रविड़ अच्छी शुरुआत करने के बाद अपनी पारी को लंबी नहीं कर पाए। वीवएस लक्ष्मण और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी उस समय फेल हो गए, जब टीम को उनसे रनों की उम्मीद थी।

बहरहाल अब भारत को मैच में लौटाने का जिम्मा गेंदबाजों पर है। अहम सवाल है कि जहीर खान और मुनाफ पटेल के बिना भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज को हावी होने से रोक पाएंगे?

वेस्टइंडीज की टीम पेपर पर साधारण है, लेकिन उसके गेंदबाजों ने असाधारण प्रदार्शन करके भारत के लिए शुरुआती मुश्किल खड़ी कर दी हैं। ईशांत शर्मा, प्रवीण कुमार, अमित मिश्रा और हरभजन सिंह के रूप में भारत के पास अच्छे गेंदबाज हैं, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाज अपने घरेलू विकेट पर बेहतर खेल दिखाते हैं।
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