शेयर बाजार में निवेशकों को मंदी मंजूर नहीं

कमल शर्मा|
मंदी लंबी चलने की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि निवेशक इसे मानने को तैयार नहीं होते। शेयर बाजार की इस समय यही हालत है, लेकिन निवेशक शेयर बाजार में सीधे या म्‍युचुअल फंडों के माध्‍यम से पैसा लगाकर हर निचले स्‍तर पर बॉटम ढूँढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
विदेशी संस्‍थागत निवेशक जब बाजार में शेयर बेचकर भाग रहे हैं तो सस्‍ते के चक्‍कर में घरेलू निवेशक इन्‍हें खरीदने के लिए आतुर बने हुए हैं। शायद असली बॉटम का इंतजार किसी को नहीं है।

शेयर ब्रोकरों की बात पर भरोसा करें तो शेयर बाजार में बड़ी मंदी आना बाकी है। इस समय निवेशकों को एसेट क्‍लास के रूप में इक्विटी बाजार आकर्षक लग रहा है। एचएसबीसी ने अपनी रणनीतिक नोट में मंदी को छह चरणों में रखा है।
एचएसबीसी के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार इस समय चौथे चरण से गुजर रहा है। यह ऐसा चरण है, जहाँ निवेशक बाजार के बॉटम के अनुमान का खेल खेल रहे हैं। मार्गन स्‍टेनली के रिदम देसाई का कहना है कि बाजार के सेंटीमेंट फियर जॉन की सीमा पर पहुँच चुका है, लेकिन घरेलू निवेशक इक्विटी निवेश से चिपके हुए हैं एवं ज्‍यादा शेयरों की खरीद कर रहे हैं।
सेबी के आँकड़ों को देखें तो विदेशी संस्‍थागत निवेशक अब तक 27 हजार करोड़ रुपए के शेयर बेच चुके हैं। जबकि, घरेलू वित्त संस्‍थाओं सहित म्‍युचुअल फंडों ने 9500 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। अभी तक म्‍युचुअल फंडों पर बड़े रिडम्‍पशन का दबाव नहीं बना है। म्‍युचुअल फंड दावा कर रहे हैं कि सिस्‍टेमेटिक इनवेस्‍टमेंट प्‍लान्‍स (एसआईपी) की माँग बढ़ रही है, जबकि इन योजनाओं की सफलता के बारे में इस समय कुछ कहना जल्‍दबाजी होगी।
मार्गन स्‍टेनली का मानना है कि शेयर बाजार में इस समय जो बढ़त आ रही है वह शॉर्ट टर्म गर्मी है और बाजार मौजूदा स्‍तर पर 10 से 15 फीसदी तक बढ़ सकता है, लेकिन यह स्थायी नहीं होगा। इलियट वेव में साफ कहा गया है कि बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज का सेंसेक्‍स दस हजार के आसपास आ जाएगा। इलियट की इस राय के आने के बाद अधिकतर इक्विटी विश्‍लेषक इस स्‍तर के आसपास की बात करने लगे हैं, लेकिन उनके जो तकनीकी आँकड़े हैं वे इलियट के टार्गेट के नजदीक हैं।
बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्‍स 14 जुलाई से शुरू हो रहे सप्‍ताह में ऊपर में 12863 और नीचे में 14044 अंक के बीच रहेगा। जबकि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी 3863 से 4244 अंक के बीच रहने की संभावना है।

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में क्रूड के दाम 147 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच जाने के बाद अब इसके दाम जल्‍दी ही 170 डॉलर तक पहुँचना आसान लग रहा है। इस बीच, ईरान और इसराइल में तनाव बढ़ने की खबर दुनिया भर की अर्थव्‍यवस्‍थाओं के लिए अच्‍छा संकेत नहीं है। घरेलू मोर्चे पर भी देखें तो दिल्‍ली में कांग्रेस को अपनी सरकार टिकाए रखने के लिए बेहद जोर लगाना पड़ रहा है और उसे आशंका है कि कहीं कोई ऐसा उलटफेर न हो जाए कि सरकार संसद में विश्‍वास मत हासिल ही न कर सके।
कांग्रेस की नई सहयोगी समाजवादी पार्टी के नेता अमरसिंह जिस तरह मनमोहन सरकार के सामने माँगों का पुलिंदा रख रहे हैं वह तो वामपंथियों से भी भारी है। अपने मित्र अनिल अंबानी के पारिवारिक दर्द को कम करने के लिए मुकेश अंबानी की कंपनियों को मिल रहे कुछ लाभों को रोकने के लिए जिस तरह मौजूदा सरकार पर दबाव डाल रहे हैं उससे कुछ सांसद विश्‍वास मत के समय अपना मन बदल सकते हैं।
इस सप्‍ताह निवेशक टीसीएस, वेल्‍सपन गुजरात, टाटा पॉवर, हिंडाल्‍को, एलएंडटी, बारटोनिक्‍स, जैन इरिगेशन, फाइजर, एमआरएफ, मनुग्राफ और एनटीपीसी पर ध्‍यान दे सकते हैं।

इस सप्‍ताह सीएमसी, एक्सिस बैंक, पीएसआई डाटा, टाटा स्‍पोंज, एरो ग्रेनाइट, फर्टिलाइजर एंड कैमिकल, ज्‍युबिलियंट आर्गेनिक्‍स, पटेल इंजीनियरिंग, टीनप्‍लेट, रैलीज इंडिया, हनील एरा, नोवार्टिस, चंबल फर्टिलाइजर, एचडीएफसी, टाटा टेलीसर्विसेज, पॉवर फाइनेंस, पेट्रोनेट एलएनजी, एसकेएफ, टीसीएस, कंटेनर कार्पोरेशन, आईसीआई इंडिया, फोसको इंडिया, मोंसेंटो इंडिया, किर्लोस्‍कर आइल, ओमनिटेक, यूनिकैम लैब, कोलगेट पॉमोलिव, रमा न्‍यूजप्रिंट, विप्रो, आइल कंट्री, बालमेर लारी, ग्रेट ईस्‍टर्न शीपिंग, इंगरसोल रेंड, सिप्‍ला, सत्‍यम कंप्‍यूटर, सिकाल लॉजिस्टिक्‍स, मैक्‍स इंडिया, जुआरी, श्री सीमेंट, जयप्रकाश एसोसिएटस, अल्‍ट्राटेक सीमेंटस, गुजरात एनआरई कोक, आईडीएफसी, झंडू फार्मा, रेप्रो इंडिया, किर्लोस्‍कर ब्रदर्स, अपोलो टायर, बीईएमएल, कैनफिन होम, ईटीसी नेटवर्क, जीटीएल इंफ्रा, आईजी पेट्रो, मंगलम सीमेंट, जयपी होटल्‍स, इंडियन बैंक और बान्‍को प्रॉडक्‍ट्स की नतीजों का बाजार को इंतजार है।
इस सप्‍ताह अल्‍सथाम प्रोजेक्‍ट्स, बजाज इलेक्ट्रिक, नवभारत वेंचर, टाइटन इंडस्‍ट्रीज, अशोक लेलैंड, कोस्‍मो फिल्‍म, हॉकिंस कुकर, आईटीसी, हर्क्‍युलिस होईस्‍ट, जेके सीमेंट, जेएम फाइनेंशियल, करूर वैश्‍य, शोभा डेवलपर, ट्रैंट, एडोर वैल्डिंग, बालाजी टेलीफिल्‍म्‍स, संघवी मूवर्स, जी एंटरटेनमेंट, सासून कैमिकल्‍स, एओनियन पंजाब, गोदरेज इंडस्‍ट्रीज, जीजी दांडेकर, एलेम्बिक, क्‍युमिंस इंडिया, डिशमैन फार्मा, शालीमार पेंट्स, नागार्जुन कंसट्रक्‍शंस, टाटा कैमिकल्‍स, जियोजिट फाइनेंस, एनआईआईटी टेक्‍नो, एनआईआईटी, टीटागढ़ वैगन्‍स, बैंक ऑफ बड़ौदा के लाभांश देने पर बाजार की नजर रहेगी।*यह लेखक की निजी राय है। किसी भी प्रकार की जोखिम की जवाबदारी वेबदुनिया की नहीं होगी।


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