शेयरों में घट-बढ़ सीमित रेंज में

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-कमल शर्मा
नए साल के पहले सप्‍ताह ने शेयर बाजार और निवेशकों में तेजी का नया जोश भरा लेकिन पिछले सप्‍ताह जिस तरह से विदेशी संस्‍थागत निवेशकों ने जमकर बिकवाली की उससे अधिकतर निवेशकों में बेचैनी छा गई।

14 जनवरी से शुरू होने वाले नए सप्‍ताह में भी शेयर बाजार के एक सीमित रेंज में ही रहने की उम्‍मीद है। वैसे भी इस सप्‍ताह रिलायंस पावर का पब्लिक इश्‍यू खुल रहा है जिसमें देश के ज्‍यादातर निवेशकों ने पैसा लगाने की तैयारी कर रखी है।

आज से शुरू हो रहे नए सप्‍ताह में बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्‍स के 21443 से 20168 अंक के बीच रहने की प्रबल संभावना है। जबकि निफ्टी 6348 से 6066 अंक के बीच घूमता रहेगा।

तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का मानना है कि शेयर बाजार में तेजी के लिए बीएसई सेंसेक्‍स के 20210 से ऊपर बने रहना जरूरी है। तकनीकी विश्‍लेषक मार्टिन प्रिंग मानते हैं कि सेंसेक्‍स को 19600 पर मजबूत स्‍पोर्ट मिलेगा। सेंसेक्‍स 21 हजार अंक के लेवल को पार करता है तो यह 23 हजार तक पहुँच जाएगा।

इस सप्‍ताह देश की अनेक प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे आने जा रहे हैं। यदि वे बेहतर नतीजे समाने रखती हैं तो शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के आसार नहीं है। इस सप्‍ताह रिलायंस इंडस्‍ट्रीज, इंडिया बुल्‍स, बायोकॉन, निकोलस पिरामल, आइडिया, आईडीएफसी, टीसीएस, वेल्‍सपन गुजरात, विप्रो, आईडीबीआई, गोदरेज कंज्‍यूमर, रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेसस, हिंदुस्‍तान कंसट्रक्‍शन, इंडिया सीमेंट, उकालफ्यूल, टैक्‍समेको, रैनबक्‍सी, फाइनेंशियल टेक्‍नालॉजी, जेके लक्ष्‍मी सीमेंट, एनडीटीवी, अपोलो टायर्स, बालमेरी लॉरी, एनआईआईटी टेक्‍नालॉजी, किर्लोस्‍कर ब्रदर्स, गुजरात एनआरई, प्राइम सिक्‍युरिटीज मुख्‍य हैं।

प्राइमरी बाजार में रिलायंस पावर का 11500 करोड़ रुपए का मेगा इश्‍यू 15 जनवरी को खुल रहा है जिसे आम जनता का बेहतर प्रतिसाद मिलने की पूरी उम्‍मीद है। इस इश्‍यू में पैसा लगाने के लिए नए निवेशक धड़ाधड़ नए डिमैट खाते खुलवा रहे हैं। गुजरात के अहमदाबाद शहर की बात की जाए तो वहाँ रोजाना नए दो हजार डिमैट खाते खुल रहे हैं। यही हाल दूसरे शहरों का भी है।

डीएसपी मेरिल लिंच के रिसर्च प्रमुख ज्‍योतिवर्धन जयपुरिया कहते हैं कि दूसरे उभरते बाजारों से तुलना की जाए तो भारत बेहतर है। जयपुरिया की राय में मिडकैप शेयरों में करेक्‍शन जारी रहेगा। फर्स्‍ट ग्‍लोबल के शंकर शर्मा भी इसी तरह की राय रखते हैं। शर्मा के मुताबिक मिडकैप में करेक्‍शन जारी रहेगा क्‍योंकि ये काफी बढ़ चुके हैं। वे कहते है कि ज्‍यादा चांस बाजार के मौजूदा स्‍तर से घटने के हैं। लार्जकैप शेयरों में भी अधिक हलचल के अवसर कम हैं।

इस समय अधिकतर निवेशक गलती यह कर रहे हैं कि शार्ट टर्म अवधि दो दिन की, मीडियम टर्म एक सप्‍ताह और लांग टर्म 15 दिन को मानकर चल रहे हैं। हर निवेशक हर घंटे रुपए की बरसात चाहता है। ऐसा लालच इस समय ज्‍यादातर निवेशकों के दिमाग पर हावी हो चुका है जो भविष्‍य के लिए उचित नहीं है, भले शेयर बाजार में अगले पाँच साल तेजी के हों।

लालच मारता है और डर मुनाफा देता है, इसे गाँठ बाँध बांध लें। आप अपना पोर्टफोलियो पूरी तरह से न बेचें लेकिन अपने जिस निवेश पर 30 फीसदी मुनाफा मिल रहा हो वहाँ आंशिक बिकवाली कर इसे बटोर लें। ऐसा न हो कि पूरी रोटी के चक्‍कर में आधी भी हाथ से निकल जाए। आज जो मुनाफा आपकी जेब में आ रहा है वह कल किसी और का हो सकता है।

जिन कंपनियों के शेयरों पर इस सप्‍ताह निवेशक ध्‍यान दे सकते हैं वे है : एचडीएफसी लिमिटेड, कार्बोरेंडम यूनिवर्सल, आइडिया सेलुलर, पीटीसी इंडिया, पेन्निसुला लैंड, विकास डब्‍लूएसपी, रेप्रो इंडिया, आईटीसी, एलआईसी हाउसिंग, गुजरात स्‍टेट पेट्रोनेट, यस बैंक, एस कुमार नेशनवाइड, नीतिन फायर प्रोटेक्‍शन और ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन।

*यह लेखक की निजी राय है। किसी भी प्रकार की जोखिम की जवाबदारी वेबदुनिया की नहीं होगी।